उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर, 2027 चुनाव से पहले पार्टी में खलबली

Published: 07 Oct 2026, 12:07 AM
Category: राज्य   |   By: Himalaya Ratan

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों के दिन नजदीक आ रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस नेताओं की आपसी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इस स्थिति ने पार्टी के शीर्ष नेताओं को अचंभित कर दिया है, जबकि कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में हैं कि आखिर चल क्या रहा है।

गुटबाजी का ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को उनकी यात्रा और कार्यक्रमों को रोकने के लिए कहा। हालांकि, रावत ने इसके जवाब में तुरंत अपने पूरे दिन का कार्यक्रम सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिससे उनके और पार्टी प्रभारी के बीच सीधा टकराव सामने आ गया।

यह सब ईडी द्वारा हरीश रावत के निजी सचिव और मुख्यमंत्री रहते ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर छापेमारी के बाद शुरू हुआ। इस छापेमारी से हरीश रावत ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और दिल्ली से उत्तराखंड आते ही उन्होंने ताबड़तोड़ यात्राओं, रोड शो और कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी।

कुमारी सैलजा ने हरीश रावत के इन आयोजनों को गलत बताते हुए उन्हें रोकने के लिए चिट्ठी लिखी, लेकिन हरीश रावत ने इस चिट्ठी को नजरअंदाज करते हुए 5 अक्टूबर का अपना विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया। इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस के भीतर एक 'आर-पार की लड़ाई' छिड़ चुकी है, जिससे 2027 के चुनाव से पहले पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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